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CG- कांग्रेस प्रवक्ता व NSUI के दो नेता पर FIR, स्कूल प्रबंधन की शिकायत पर मामला किया गया दर्ज, उधर कांग्रेस नेता ने भी काउंटर…

रायपुर 8 जून 2024। कांग्रेस नेता विकास तिवारी समेत 2 पर FIR दर्ज की गयी है। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी, एनएसयूई प्रदेश प्रभारी हेमंत पाल और प्रदेश सचिव कुणाल दुबे पर प्राइवेट स्कूल प्रबंधन ने मामला दर्ज कराया है। विकास तिवारी और NSUI नेता पर कृष्णा पब्लिक स्कूल संचालक ने जबरन स्कूल में घुसने, गाली गलौज करने सहित अन्य मामलों में अपराध पंजीबद्ध कराया है। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने आरोप लगाया है कि निजी स्कूलों में जांच होने के बावजूद बार-बार परेशान किया जा रहा था।

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उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा मान्यता देने पर मान्यता स्कूल ले सकता है, लेकिन विकास तिवारी समेत अन्य लोगों ने स्कूल परिसर में जाकर हंगामा किया। निवेदन के बाद भी PCC चीफ ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने FIR के लिए आवेदन दिया। हालांकि मामले में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष के आरोपों पर विकास तिवारी का पलटवार किया है। विकास तिवारी ने कहा है कि झूठे प्रकरण में उनके और एनएसयूआई नेता पर मामला दर्ज किया गया है।

इधर, केपीएस स्कूल प्रबंधक द्वारा दर्ज करवाये गये एफ़आईआर के ख़िलाफ़ थाने में कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी,एनएसयूई प्रदेश प्रभारी हेमंत पाल और प्रदेश सचिव कुणाल दुबे ने भी लिखित शिकायत की है।

विकास तिवारी ने अपनी शिकायत में क्या कहा है..

आपके थाना क्षेत्रांतर्गत न्यू राजेंद्र नगर में कृष्णा किड्स एकेडेमी जिसके संस्थापक आशुतोष त्रिपाठी और संचालक संजय त्रिपाठी एवं अन्य द्वारा केंद्र शासन के जारी दिशानिर्देश के अनुसार बिना प्रशासन के अनुमति लिए 16 साल से कम उम्र के बालको को CBSE पैटर्न/ साम्बंध्य संस्थान बताकर पूर्व-स्कूल की शिक्षा देने के नाम पर ठगा जा रहा है। जिस ठगी की पुष्टि इस तथ्य से भी होती हैं कि जो किताबे पालकों से CBSE पाठयक्रम की बताकर खरीदने को विवश की जा रही है वह ISBN अंतर्गत पंजीकृत होना तो दूर NCERT/SCERT से स्वीकृत भी नहीं है और मूल्यांकित कीमत भी वास्तविक नहीं होकर उसी लेखक के फर्जी मूल्यों पर अन्य प्रकाशक द्वारा छापी हुई हैं। इसी तरह इस संस्थान ने स्वयं को स्कूल बताकर बच्चों के पालकों को ठगा है जबकि उसके पास शिक्षा विभाग की मान्यता नहीं हैं ना ही कभी आवेदन प्रस्तुत किया गया हैं। जबकि CBSE एवं शिक्षा विभाग की मान्यता कृष्णा पब्लिक स्कूल को मिली है जिस पंजीयन का उपयोग कर फर्जी संस्थान चलाया जा रहा है। जिसकी पुष्टि इस तथ्य से भी होती है कि कृष्णा पब्लिक स्कूल के गणवेश का इस्तेमाल और बेचे जाने से भी ठगी करना प्रकट हैं। सबसे महत्त्वपूर्ण तथ्य यह है कि जिस असुरक्षित मकान को रहने के लिए नगर निगम ने बिल्डिंग परमिशन दिया था उसमे 16 साल से कम उम्र के छोटे मासूम बच्चों को रखना नगर निगम के नियमों के साथ बिल्डिंग एंड सेफ्टी कोड के विरुद्ध भी है जहां किसी आगजनी या दुर्घटना से बचने के लिए सकरी सीढ़ी और सकरा दरवाजा अनुकुल नहीं है भवन एक साथ बड़ी संख्या मे बालकों के लिए सुरक्षित रहने की पुष्टि हेतु कोई प्रमाण नहीं हैं। स्कूल ना होने से GST एवं नगर निगम की अनुज्ञप्ति भी नहीं हैं। वहा रहने और पढ़ाने वाले स्टाफ के सम्बंध में पुलिस वेरीफिकेशन भी नहीं कराया गया है, ना ही किराये के भवन के लिए पुलिस वेरीफिकेशन कराया गया है। यहां तक की घरेलू बिज़ली कनेक्शन पर इंस्टीट्यूशनल उपयोग कर लोकधन की हानि पहुंचाई जा रही है।  यह संस्थान सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के अनुसार पंजीकृत हो की भी संभावना कम है अन्यथा सभी सदस्यों को भी वहां आशुतोष त्रिपाठी एवं संजय त्रिपाठी के साथ संगठित होकर ठगी करने के कारण साश्य दोषी मानता हूं। मेरी शिकायत सत्य और सही है जिसमे संज्ञेय अपराध की पुष्टि होने से एफआईआर करना आपका लोक कर्त्तव्य है यदि पूर्ण अनुसंधान में शिकायत झूठी पाए जो इसके लिए जो कानूनी सजा हो उसके लिए तैयार हूं। यह कि संविधान के अनुच्छेद 51A के अनुसार सुधार की भावना से आंदोलन करना, सार्वजानिक सम्पत्ति की सुरक्षा करना, शिक्षा क्षेत्र को उत्कर्ष की ओर बढ़ाने का प्रयास करना एवं छोटे बालकों (प्राणी) के जीवन की सुरक्षा के लिए काम करना प्रत्येक नागरिक का कर्त्तव्य हैं।

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