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EVM हैकिंग पर मचा बवाल, NDA सांसद के रिश्तेदार का मोबाइल कैसे EVM से जुड़ा?’ EVM पर सियासी घमासान, सरकार और विपक्ष आमने-सामने, चुनाव आयोग को ..

नयी दिल्ली 16 जून 2024। ईवीएम के हैकिंग के मामले ने फिर देश भर में खलबली मचा दी है। मुंबई पुलिस ने शिवसेना शिंदे गुट के सांसद रविन्द्र वायकर के साले के खिलाफ केस दर्ज किया है। मुंबई पुलिस ने यह एफआईआर लोकसभा चुनाव की मतगणना वाले दिन गोरेगांव चुनाव सेंटर के अंदर पाबंदी होने के बावजूद मोबाइल का इस्तेमाल करने के आरोप में की है। इसके अलावा, पुलिस ने पांडिलकर को मोबाइल देने के आरोप में चुनाव आयोग के एक कर्मचारी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।

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इस मामले को लेकर तमाम विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाकर जवाब मांगा है। दरअसल मुंबई पुलिस को नॉर्थ पश्चिम सीट से लड़ने वाले कई उम्मीदवारों और चुनावी आयोग की तरफ से शिकायतें मिली थी, जिसके आधार पर यह मामला दर्ज किया गया है. नॉर्थ पश्चिम सीट से रविन्द्र वायकर दोबारा काउंटिंग होने के बाद महज 48 वोटों से चुनाव जीते थे. जिसको लेकर काफी विवाद भी हुआ था।

सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग के अधिकारी गौरव के पास मोबाइल फोन था, जिससे मतगणना के दौरान ओटीपी जनरेट होता है. इस फोन का इस्तेमाल सांसद के रिश्तेदार पांडिलकर कर रहे थे. पुलिस को संदेह है कि फोन का इस्तेमाल सुबह से शाम 4.30 बजे तक किया गया, जब कांटे की टक्कर चल रही थी. चुनाव आयोग के पास सभी सीसीटीवी फुटेज हैं, जो अब मुंबई पुलिस को दे दिए गए हैं, जो मामले की जांच कर रही है. मामले की जांच के लिए मुंबई पुलिस ने तीन टीमें बनाई हैं. आज से पुलिस चुनाव आयोग द्वारा दिए गए सीसीटीवी फुटेज की जांच करेगी, जो जांच में अहम भूमिका निभाते हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पुलिस फोन की सीडीआर ले रही है और मोबाइल नंबर की सभी जानकारी जुटा रही है. फोन जब्त कर लिया गया है।  पुलिस जानना चाहती है कि किसको कॉल की गई और कितने ओटीपी आए. पुलिस यह भी जानना चाहती है कि उस फोन पर कॉल आए या नहीं. नियमों के अनुसार ओटीपी जनरेट होने के बाद फोन को आरओ (रिटर्निंग ऑफिसर) को देना होता है. अब जांच की जा रही है कि फोन वापस क्यों नहीं लिया गया. फिलहाल इसकी जांच पुलिस कर रही है और अब मोबाइल की फॉरेंसिक की रिपोर्ट का इंतजार है.

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