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चुनाव जीतने के लिए खुलेआम बोलना इतना पैसा बाटेंगे हर महीने,जाने ये कितना है घातक

नई दिल्लीः नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेकर हैट्रिक मार देंगे। साल 1962 के बाद तीन बार पीएम बनने वाले पहले नेता भी बन जाएंगे। अब सभी के दिमाग में एक सवाल है कि मोदी बैसाखियों के सहारे शपथ तो लेने जा रहे हैं, लेकिन क्या सही से सरकार चला पाएंगे? बीजेपी सरकार बीते दस साल से भारत की इकोनॉमी 5 ट्रिलियन बनाने के दावे के साथ देश को विकसित बनाने की बात भी कह रही है।

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चुनाव जीतने के लिए खुलेआम बोलना इतना पैसा बाटेंगे हर महीने,जाने ये कितना है घातक

चुनाव के समय विपक्षी इंडिया गठबंधन की तरफ से पैसा बांटने के वादे किए गए थे। इंडिया गठबंधन के लिए प्रचार कर रहे कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने महिलाओं को 8500 रुपये महीना देने का वादा किया था। कुछ पार्टियों ने ऐसी स्कीम का वादा किया था, जो देश को विकसित में अंड़गा और बेरोजगारी की तरफ ले जा सकती थी। इस चुनाव में कांग्रेस 99 सीटें जीतकर दूसरे नंबर पर रही।

चुनाव जीतने के लिए पैसा देने का वादा कितना घातक?

भारतीय चुनावों में मतदाताओं को लुभाने के लिए पैसों की घोषणा करना एक बड़ी संस्कृति बनता जा रहा है। इतना ही नहीं लोग भी पार्टियों पर यकीन करके बड़े स्तर पर वोट देते हैं, जिसका असर भी देखने को मिलता है। कभी-कभी ऐसी स्कीम के वादे किए जाते हैं जो देश को बेरोजगारी की तरफ ले जाती हैं। इतना ही नहीं देश के विकसित रास्ते में भी अड़ंगा लगाती है। क्या सरकार बनाने के लिए पैसे बांटने का वादा देश की तरक्की और उन्नति के लिए कारगर है। पहले भी ऐसे वादे चुनावों में होते रहे, जिन्हें लागू करने पर देश की अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रभाव डाला है।

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कुछ एक्सपर्ट्स की मानें तो इस तरह के वादे पार्टियों को नहीं करने चाहिए, क्योंकि इससे लोगों के मन में लालच आता है जिससे वे अपने कार्यों में सुस्त हो जाते हैं। पीएम गरीब कल्याण अन्न योजा पर विपक्ष के नेता लगातार सवाल उठाते रहे। सरकार एक तरफ तो काफी लोगों को रीबी रेखा से निकालने का दावा करती है।

इस योजना के तहत 80 करोड़ लोगों को फ्री राशन दे रही है। इतना ही नहीं सरकार गरीबी श्रेणी में आने वाले लोगों को ही राशन का वितरण करती है। कुछ जानकारों के मुताबिक, इस तरह के भ्रमिक करने वाले घोषणा पत्रों पर रोक लगनी चाहिए, जिससे आगे कोई ऐसा कदम नहीं उठाए।

भारत को विकसित करने के लिए क्या करेंगे मोदी?

पीएम मोदी इस बार एनडीए के सहारे शपथ लेने जा रहे हैं, जिनके सामने विकास करने के साथ-साथ अपनी करीबी पार्टियों को साथ लेकर चलना किसी बड़ी चुनौती की तरह होगा। मोदी के दौर में टेक्नोलॉजी पर जोर दिया गया, जहां तमाम ऐसी सुविधा शुरू हुई जिसका लोगों को बड़े स्तर पर फायदा देखने को मिला। भारत को विकसित करने का मतबल क्या सड़क, हॉस्पिटल, स्वास्थ्य सुविधाएं देना ही पर्याप्त है, क्योंकि ऐसा नहीं है।

चुनाव जीतने के लिए खुलेआम बोलना इतना पैसा बाटेंगे हर महीने,जाने ये कितना है घातक

किसी भी मुल्क को विकसित करने में रोजगार का अहम रोल रहता है। रोजगार देने के लिए जरूरी है कि विदेशी निवेश बढ़े, जिससे तमाम कंपनियां ओपन होंगी तो लोग उनमे जॉब करेंगे। ऑटो इंडस्ट्री के साथ गैजेट्स कंपनियों का भी बड़े स्तर पर उपज होना जरूरी है, जिससे रोजगारी की समस्या को दूर किया जा सकता है।

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