विधानसभा: बिना जल स्रोत के ही 653 गांवों में बन गयी टंकी, बिछ गयी पाइप लाइन, अजय चंद्राकर के कार्रवाई के सवाल पर, उप मुख्यमंत्री ने दिया ये जवाब…

रायपुर 27 जनवरी 2025। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज जलजीवन मिशन में गड़बड़ी का मुद्दा उठा। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत ऐसे गांवों की जानकारी चाही, जहां जल स्रोत नहीं होने के बावजूद टंकी और पाइप लाइन बिछा दी गयी। जवाब में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि 653 जहां जल स्रोत नहीं है और वहीं टंकी और पाइप लाइन बन गयी।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि जब योजना का डीपीसी की गयी थी, तो उस दौरान प्रत्येक गांवों में जल स्रोत की व्यवस्था थी, लेकिन योजना की शुरुआत होने में देरी की वजह से ये दिक्कत आयी है। उन्होंने ये भी बताया कि ये योजना 2019 की थी, लेकिन जल स्रोत का काम 2023 में शुरु हुआ, इसकी वजह से ज्यादा दिक्कत आयी।
अजय चंद्राकर ने सवाल पूछा कि वैसे अधिकारी जिन्होंने बिना जल स्रोत के ही पाइप लाइन बिछवा दी और टंकी बनवा दी, उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गयी है। जवाब में डिप्टी सीएम ने सदन को आश्वस्त किया कि इस मामले में किसी भी ठेकेदार का 70 फीसदी से ज्यादा भुगतान नहीं होगा। जब तक योजना पूर्ण नहीं हो जाती, किसी भी ठेकेदार का भुगतान नहीं होगा। साथ ही साथ वैसे अधिकारी, जिन्होंने बिना जल स्रोत के ही टंकी बनायी और पाइप लाइन बिछवायी, उन सभी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
सदन में उप मुख्यमंत्री ने बताया कि 5291 गांवों में नल कनेक्शन का काम पूर्ण हो गया है। अरूण साव ने सदन में बताया कि इस बार बजट में केंद्र सरकार ने योजना को 2028 तक विस्तारित किया है। तय समय के अंदर योजना का क्रियान्वयन राज्य में पूरा कर लिया जायेगा।