CGPSC पेपर लीक और मनी लॉन्ड्रिंग मामला: ED के प्रेस नोट ने खोले राज, 3 करोड़ की अवैध वसूली और पूर्व OSD की गिरफ्तारी पर बड़ा अपडेट

रायपुर 14 सितंबर 2026: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) परीक्षा घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। ED, रायपुर जोनल ऑफिस ने 11 सितंबर 2026 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत बलरामपुर-रामानुजगंज के एडिशनल कलेक्टर और पूर्व मुख्यमंत्री कार्यालय के तत्कालीन OSD (विशेष कार्याधिकारी) चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें रायपुर की विशेष PMLA कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 6 दिनों की ED रिमांड पर भेज दिया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के नाम और प्रभाव के इस्तेमाल का आरोप ED की जांच में यह खुलासा हुआ है कि CGPSC परीक्षा वर्ष 2020 और 2021 में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी, धांधली और भ्रष्टाचार हुआ था। जांच एजेंसी के मुताबिक, उत्कर्ष चंद्राकर, अनिल चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने अभ्यर्थियों को एडवांस में प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने और चयन की गारंटी देने के नाम पर 3 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध रकम वसूली थी। इस पूरे सिंडिकेट में तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में ओएसडी के पद पर तैनात चेतन बोरघरिया के नाम और आधिकारिक पद का दुरुपयोग किए जाने के सबूत मिले हैं।
बैंक खातों में मिले संदिग्ध लेनदेन और कैश डिपॉजिट जांच के दौरान ED को चेतन बोरघरिया के बैंक खाते में 170 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 66.64 लाख रुपये नकद (कैश) जमा होने के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। इसके अलावा, ED की छानबीन में आरोपी चेतन बोरघरिया और मुख्य आरोपी कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर के बीच वित्तीय लेनदेन और डिजिटल चैट्स के जरिए आपसी संपर्क के कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।
सिद्धी विनायक मैरिज पैलेस और रिसॉर्ट में बंटे थे लीक पेपर प्रवर्तन निदेशालय की अब तक की जांच में यह भी सामने आया है कि परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को रायपुर के सिद्धि विनायक मैरिज पैलेस में इकट्ठा किया गया था, जहां उन्हें लीक प्रश्न पत्र बांटे गए थे। इसके बाद मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए उम्मीदवारों को बरनवापारा सेंचुरी रिजॉर्ट में ठहराया गया था, जहां उन्हें विशेष कोचिंग दी गई थी।
पहले भी हो चुकी हैं बड़ी गिरफ्तारियां उल्लेखनीय है कि इस हाई-प्रोफाइल भ्रष्टाचार मामले में EOW/ACB द्वारा दर्ज FIR के बाद CBI ने भी अपनी जांच के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। मनी लॉन्ड्रिंग के इस मामले में ED इससे पहले पूर्व CGPSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और उत्कर्ष चंद्राकर समेत अन्य को भी गिरफ्तार कर चुकी है। फिलहाल, एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघरिया से रिमांड अवधि के दौरान अवैध वसूली के स्रोतों, वित्तीय लेन-देन और अन्य सहयोगियों के बारे में गहन पूछताछ की जा रही है।
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