CG-स्कूल में छात्रों के प्रदर्शन के बाद बड़ी कार्रवाई, PTI शिक्षक निलंबित; प्रभारी प्राचार्य भी हटाए गए

कोंडागांव 9 सितंबर 2026। कोंडागांव जिले के माकड़ी विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हीरापुर में विद्यार्थियों के प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। स्कूल की शैक्षणिक, प्रशासनिक और अनुशासन व्यवस्था को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद विभाग ने पीटीआई व्यायाम शिक्षक निर्मल कुमार को निलंबित कर दिया है। वहीं विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य कुंभज ऋषि भोयर को प्राचार्य के प्रभार से हटा दिया गया है।
प्रभारी प्राचार्य की जिम्मेदारी अब स्कूल में पदस्थ एक अन्य योग्य व्याख्याता को सौंपी गई है। यह कार्रवाई विद्यार्थियों के प्रदर्शन और स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर विभागीय स्तर पर हुई जांच के बाद की गई है।
कक्षा शिक्षक नहीं होने पर सड़क पर उतरे थे छात्र
मामला 8 सितंबर का है। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने कक्षा शिक्षक उपलब्ध नहीं होने सहित पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं को लेकर स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया था। इस दौरान विद्यार्थियों ने सड़क पर धरना दिया और नारेबाजी भी की।
छात्रों के सड़क पर उतरने की जानकारी शिक्षा विभाग तक पहुंचने के बाद विद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर जांच की गई। इसी जांच के आधार पर माकड़ी विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने जिला शिक्षा अधिकारी को कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा था।
BEO के प्रस्ताव के बाद विभाग ने की कार्रवाई
माकड़ी विकासखंड शिक्षा अधिकारी की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को भेजे गए प्रस्ताव में विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, प्रशासनिक संचालन और अनुशासन से संबंधित स्थिति का उल्लेख किया गया था।
विभागीय जांच के दौरान स्कूल के संचालन और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की भी समीक्षा की गई। इसके बाद पीटीआई शिक्षक निर्मल कुमार के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई, जबकि प्रभारी प्राचार्य कुंभज ऋषि भोयर को उनके प्रशासनिक प्रभार से हटा दिया गया।
प्रभारी प्राचार्य पर निगरानी में लापरवाही का उल्लेख
विभागीय पत्र में प्रभारी प्राचार्य की जिम्मेदारियों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। इसके मुताबिक, प्रभारी प्राचार्य को अपने विषय का नियमित अध्यापन कराने के साथ-साथ विद्यालय में पदस्थ शिक्षकों के अध्यापन कार्य, विद्यार्थियों की उपस्थिति, अनुशासन और संस्था के सुचारू संचालन की निगरानी करनी थी।
जांच के दौरान यह बात सामने आने का उल्लेख किया गया है कि प्रभारी प्राचार्य की ओर से अपने विषय की नियमित पढ़ाई में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई गई। साथ ही संस्था के समुचित संचालन से जुड़ी निगरानी की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठे।
इन्हीं बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए विभाग ने उन्हें प्रभारी प्राचार्य के दायित्व से हटाने का निर्णय लिया।
छात्रों ने स्कूल की व्यवस्था पर उठाए थे सवाल
प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने स्कूल में पढ़ाई की व्यवस्था, शिक्षकों की उपलब्धता और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी नाराजगी जताई थी। छात्रों की शिकायत थी कि नियमित कक्षाएं और शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
विद्यार्थियों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच कराने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की थी। प्रदर्शन के बाद मामला विभागीय अधिकारियों तक पहुंचा और स्कूल की स्थिति की जांच शुरू हुई।
ओपन स्कूल परीक्षा को लेकर भी लगाए गए थे आरोप
विद्यार्थियों की ओर से ओपन स्कूल परीक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए थे। छात्रों का दावा था कि 10वीं और 12वीं के ओपन स्कूल परीक्षार्थियों से कथित तौर पर राशि लिए जाने और परीक्षा के दौरान अनुचित तरीके से नकल कराए जाने जैसी शिकायतें हैं।
नियमित विद्यार्थियों ने आशंका जताई थी कि यदि परीक्षा व्यवस्था में अनियमितता होती है तो इसका असर उनकी मेहनत और भविष्य के अवसरों पर पड़ सकता है। उन्होंने संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
इन आरोपों की पुष्टि फिलहाल विभागीय जांच के निष्कर्ष के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
नए प्रभारी प्राचार्य की जिम्मेदारी
प्रभारी प्राचार्य को हटाए जाने के बाद विद्यालय में पदस्थ एक अन्य योग्य व्याख्याता को संस्था के प्रभारी प्राचार्य का दायित्व सौंपा गया है। विभाग का यह कदम स्कूल की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को व्यवस्थित करने की दिशा में उठाया गया है।
अब नए प्रभारी प्राचार्य के सामने विद्यालय में नियमित कक्षाओं, शिक्षकों की जिम्मेदारी, विद्यार्थियों की उपस्थिति और अनुशासन व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित करने की जिम्मेदारी होगी।
कार्रवाई के बाद व्यवस्था सुधारने पर जोर
हीरापुर स्कूल में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग की कार्रवाई से स्पष्ट है कि विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। एक ओर जहां पीटीआई शिक्षक को निलंबित किया गया है, वहीं प्रभारी प्राचार्य को प्रशासनिक जिम्मेदारी से हटाकर नई व्यवस्था लागू की गई है।
फिलहाल स्कूल में पढ़ाई और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाने पर विभाग का जोर है। विद्यार्थियों की ओर से उठाए गए अन्य मुद्दों पर भी जांच और कार्रवाई की स्थिति सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।
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